सोमवार, 2 सितंबर 2013

हम अपना हाल उनको बताने से रह गए...



हम अपना हाल उनको बताने से रह गए...
आई जुबां पे बात  सुनाने  से रह गए...!!

उनको थी ये खबर कि मेरा दिल उदास है...
इस बार वो नज़र में  गिराने से रह गए...!!

थी तेज धार यूँ तो उनकी नश्तर-ए-जुबां...
लेकिन मैं बच गयी...वो चुभाने से रह गए...!! 

वो बेईमान भी...थी वफ़ा की उन्हें  कदर...
लेकिन वफा वो मुझसे निभाने से रह गए...!!

सोचा था दिल की बात बताऊँ उन्हें मगर...
हम अपने ही एहसास जुटाने से रह गए...!!

कर के उजाड़ दिल मेरा एहसास ये हुआ...
वो अपना ही सामान सजाने से  रह गए...!!

हमने सजाया दिल को उनके ही रिवाज़ से...
अफ़सोस था उन्हें...वो जताने से रह गए...!!

यूँ तो हुए हैं और भी कुछ आशना-ए-दिल...
'पूनम' तुझे ही दिल में बिठाने से रह गए...!!



***पूनम***



7 टिप्‍पणियां:

  1. आपने लिखा....
    हमने पढ़ा....और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए बुधवार 04/09/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in ....पर लिंक की जाएगी. आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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  2. हमने सजाया दिल को उनके ही रिवाज़ से...
    अफ़सोस था उन्हें...वो जताने से रह गए...!!.....सुभानल्लाह !!!

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  3. सोचा था दिल की बात बताऊँ उसे मगर...
    हम अपने ही एहसास जुटाने में रह गए...
    होता है ऐसा अक्सर ... दिल के एहसास बाहर नहीं आते जब वो सामने आ जाते हैं ...

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  4. हमने सजाया दिल को उनके ही रिवाज़ से...
    अफ़सोस था उन्हें...वो जताने से रह गए...!!

    यूँ तो हुए हैं और भी कुछ आशना-ए-दिल...
    'पूनम' तुझे ही दिल में बिठाने से रह गए...!!


    बहुत खुबसूरत भाव
    latest post नसीहत

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  5. हमने सजाया दिल को उनके ही रिवाज़ से...
    अफ़सोस था उन्हें...वो जताने से रह गए...!!

    यूँ तो हुए हैं और भी कुछ आशना-ए-दिल...
    'पूनम' तुझे ही दिल में बिठाने से रह गए...!!

    बहुत उम्दा रचना।
    कभी यहाँ भी पधारें।
    सादर मदन
    http://saxenamadanmohan1969.blogspot.in/
    http://saxenamadanmohan.blogspot.in/

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