बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

ख़्वाब......





जो शख्स अश्कों को आँखों में थाम लेता है
उसकी आँखों में ही उसकी पूरी जिंदगानी है...!

सांस थम थम के जब भी कभी चलती है
हर एक सांस में बस एक ही कहानी है...!

तेरे दर पे भी कभी आ के कोई ठहरा था
नयी है बात....मगर हो गयी पुरानी है.....!

तू अपने ख़्वाबों में मशगूल नहीं देख सका
उसके ख़्वाबों की फकत एक तू निशानी है.....!

ख़्वाब को चाहे कोई कितना दबा ले लेकिन
बिखर गए तो समझो खत्म जिंदगानी है...!


***पूनम***
आज और अभी...




8 टिप्‍पणियां:

  1. khwaab hain to zindgi hain...unhe poora karne kee chaahat hee to wajah hai jeene kee...

    excellent!!!

    anu

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  2. सांस थम थम के जब भी कभी चलती है
    हर एक सांस में बस एक ही कहानी है...

    प्रेम की एक ही कहानी होती है ... हर सांस में बसी होती है ...

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  3. तू अपने ख़्वाबों में मशगूल नहीं देख सका
    उसके ख़्वाबों की फकत एक तू निशानी है..........bahut khub di

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  4. तेरे दर पे भी कभी आ के कोई ठहरा था
    नयी है बात....मगर हो गयी पुरानी है.....!
    पर उनकी यादें तो आज भी जेहन में ताज़ा है.........

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  5. उसके ख़्वाबों की फकत एक तू निशानी है.....!

    Good one!

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