शनिवार, 18 फ़रवरी 2012

जिन्दगी तस्वीर या तकदीर.....??




किसी ने कहा है.....                       


"ज़िन्दगी तस्वीर भी है.....
और तकदीर भी...
फर्क तो रंगों का है...
मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर...
और अनचाहे रंगों से बने तो तकदीर...!"
                         

                          लेकिन हमने तो यही जाना है...
                          कि कई बार अनचाहे रंगों से भी 
                          सुन्दर तकदीर बन जाती है.....
                          और मनचाहे रंग भी 
                          गर सलीके से न इस्तेमाल किये जाएँ तो....
                          तस्वीर बदरंग हो जाती है....!!
                          अब क्या कहें ,जनाब !
                          ज़िंदगी क्या है......??
                          तस्वीर या तकदीर....???

27 टिप्‍पणियां:

  1. जिंदगी तस्वीर है..
    तकदीर अच्छी है तो तस्वीर सुन्दर...वरना बेरंग!!!!

    सुन्दर रचना...

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  2. वाह ! बहुत..बहुत ही खूबसूरती से लिखा है..वाह !

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  3. कल 20/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    उत्तर
    1. शुक्रिया यशवंत.....
      "हलचल" हमेशा ही अच्छी होती है....
      "नई हो या पुरानी..."

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  4. बहुत बढ़िया प्रस्तुति
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार के चर्चा मंच पर भी लगा रहा हूँ! सूचनार्थ!
    --
    महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ स्वीकार करें।

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  5. कि कई बार अनचाहे रंगों से भी
    सुन्दर तकदीर बन जाती है.....100% agree...very nice.

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  6. कई बार अनचाहे रंगों से भी
    सुन्दर तकदीर बन जाती है.....

    ऐसे ही तस्वीर का इंतज़ार रहता है

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  7. कि कई बार अनचाहे रंगों से भी
    सुन्दर तकदीर बन जाती है.....
    और मनचाहे रंग भी
    गर सलीके से न इस्तेमाल किये जाएँ तो....
    तस्वीर बदरंग हो जाती है....!!

    बहुत गहन बात काही है ... सुंदर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  8. ज़िंदगी क्या है......??
    तस्वीर या तकदीर....???

    यह चर्चा का विषय हो सकता है बहुत गंभीर विचार.

    महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ.

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  9. सुन्दर रचना .
    महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

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  11. सचमुच ! गजब का तर्क उजागर की है आपने !
    बहुत बढ़िया प्रस्तुति !

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  12. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच
    पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

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    1. Atulji...
      आप ने चर्चा मंच पर मुझे शामिल किया..!
      धन्यवाद....!!

      हटाएं
  13. ज़िन्दगी तस्वीर भी है.....
    और तकदीर भी...
    फर्क तो रंगों का है...
    मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर...
    और अनचाहे रंगों से बने तो तकदीर...!"
    बहुत सुन्दर .

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  14. खुश मिजाजी के भी जीवन खंड होतें हैं .खुश रहना जन्मजात इनायत है खुदा की ,कुदरत की जीवन खंडों का लेखा है .

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  15. बहुत सुंदर, पर जिंदगी को तस्वीर बनाना हमारे वश में है ।

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  16. गज़ब की प्रस्तुति है बहुत पसन्द आयी और प्रश्न मे उलझा गयी।

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  17. बहुत बढ़िया,बेहतरीन अच्छी प्रस्तुति,.....

    MY NEW POST...आज के नेता...

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  18. बेहतरीन बात कही है आपने एक दम खालिस तजुर्बे वाली !

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