सोमवार, 21 नवंबर 2011

अंदाज़ अपना अपना....





वो सोचते रहे हम बात करेंगे उनसे कुछ अपनी.....
हम थे ऐसे के उन्हें मायूस ही कर बैठे...!
 
**  **  **  **  **  **  **  **  **  **  ** 
 
चाहना यूँ तुम्हारी फितरत ही सही...
एक हम हैं कि इनकार किये जाते हैं..!
 
**  **  **  **  **  **  **  **  **  **  ** 
 
कह दिया बेबाक हो कर तुमने कितना कुछ हमसे
और हम ये भी न कह पाए के हमें प्यार है तुमसे ही !!
 
**  **  **  **  **  **  **  **  **  **  **  **  **  **  **  
 
आरज़ू रह ही गयी हमारी कि देखें तुम्हें दिल के आईने में....
एक तुम थे के जब भी आये तो नकाब थी तुम्हारे चेहरे पे ! 
 
 
 
 

17 टिप्‍पणियां:

  1. हर इंसान की फितरत होती है कि जहाँ आशा की किरण दिखाई देती है वही पर ही जाता है, इस आशा और विश्वास के साथ कि निराश नही होना पड़ेगा । प्रस्तुति अच्छा लगी । धन्यवाद ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत खूब !
    मेरी नई पोस्ट पे आपका हार्दिक स्वागत है !

    उत्तर देंहटाएं
  3. कह दिया बेबाक हो कर तुमने कितना कुछ हमसे
    और हम ये भी न कह पाए के हमें प्यार है तुमसे ही !!


    आरज़ू रह ही गयी हमारी कि देखें तुम्हें दिल के आईने में....
    एक तुम थे के जब भी आये तो नकाब थी तुम्हारे चेहरे पे !

    हमारी किस्मत में ज्यादातर नकाबें ही आती हैं पूनम जी ...ज्यादातर नकाबें ही ...एक खास तरह कि नाकाबं जो खाल के अंदर पहनी जाती हैं ...बहुत देर बाद देख पाते हैं हम और कई बार तो देख भी नहीं पाते.!

    उत्तर देंहटाएं
  4. आनंदजी....
    'हमारी' से आपका इशारा किस की तरफ है...नकाब कोई भी पहन सकता है...!! अब उसे कहाँ पहनना है? किसके लिए पहनना है? कब पहनना है? क्यूँ पहनना है?
    ये तो वही इंसान जाने.....!!! अल्लाह से दुआ करिए कि हमें वो नज़र बक्शे जिससे हम खुद को ऐसे लोगों से बचा सकें....!!
    लेकिन आपने मेरे शेर का मतलब ही बदल दिया यहाँ पर....!
    नकाब शरमा के भी डाल ली जाती है......!!!

    उत्तर देंहटाएं
  5. आरज़ू रह ही गयी हमारी कि देखें तुम्हें दिल के आईने में....
    एक तुम थे के जब भी आये तो नकाब थी तुम्हारे चेहरे पे !

    बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत खूब ... क्या बात है ... वो आए भी तो नकाब पहन के ... लाजवाब शेर हैं सभी ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. कह दिया बेबाक हो कर तुमने कितना कुछ हमसे
    और हम ये भी न कह पाए के हमें प्यार है तुमसे ही !!
    बहुत खूब ... क्या बात है .....

    उत्तर देंहटाएं
  8. वो सोचते रहे हम बात करेंगे उनसे कुछ अपनी.....
    हम थे ऐसे के उन्हें मायूस ही कर बैठे...!

    sundar...

    www.poeticprakash.com

    उत्तर देंहटाएं
  9. पूनम जी सुन्दर अभिव्यक्ति ...प्यार में कभी कभी ऐसा हो जाता है
    बधाई हो ...
    भ्रमर ५
    कह दिया बेबाक हो कर तुमने कितना कुछ हमसे
    और हम ये भी न कह पाए के हमें प्यार है तुमसे ही !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. क्या खूब लिखा आपने,
    वो आए भी तो नकाब पहन के,..बेहतरीन,.
    मेरे पोस्ट 'शब्द'में आपका इंतजार है...

    उत्तर देंहटाएं
  11. I just added this weblog to my feed reader, great stuff. Cannot get enough!

    From everything is canvas

    उत्तर देंहटाएं
  12. संगीता स्वरुप ( गीत ) ने आपकी पोस्ट " अंदाज़ अपना अपना.... " पर एक टिप्पणी छोड़ी है:

    आरज़ू रह ही गयी हमारी कि देखें तुम्हें दिल के आईने में....
    एक तुम थे के जब भी आये तो नकाब थी तुम्हारे चेहरे पे !

    बहुत खूब ..हर शेर एक दूसरे पर भारी

    उत्तर देंहटाएं