बुधवार, 1 जून 2011





तेरे आने की खबर....



तेरे आने की खबर
कुछ इस तरह आयी...
जैसे उगती है सुबह की
मुलायम सुनहरी धूप,
जैसे खिलती है कोई
मासूम जूही की कली,
जैसे गुनगुनाते हैं
पंछी नया गीत कोई,
जैसे दूर तक फ़ैली
हरी-हरी दूब पर
शबनम की बूँदें,
जैसे दूर
मंदिर से आती
घंटी की आवाज़,
और घुल जाती है
खुशबू फिज़ा में...
कि....
तुम आने वाले हो !!

10 टिप्‍पणियां:

  1. बहारो फूल बरसो मेरा महबूब आया है......शानदार |

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  2. आने की खबर ख़ुशी का कारण बनी ....मन को प्रसंता मिली

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  3. किसी के आने पर ख़ुशी का इतना खूबसूरत इज़हार,वाह पूनम जी वाह.

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  4. बहुत सुंदर भाव...सुंदर रचना...

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  5. jab dil me kisi ke prati ghara lagav hota hai to aise hi sundar vichar uske aane par mahsus hote hai

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  6. सुना हे तुम मुझे दर्पण से अक्सर मुझे झांकते हो ,
    क्यू हमारा रास्ता देखते हो
    हमने तो तुम्हे आपने आप में कैद कर लिया तुम न कहते हुए भी पास हमरे रोज आते हो .........{ab to unhe aana hi padega..bhut .sundar.....

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  7. AAPNE TO INTAZAAR KO AARADHNA HI BANA RAKKHA HAI PUNAM JI.....WAAH AAPKO PATA BHI HAI KI AAPKE SAATH KAB PRAKRITI JUD GAYI AUR AAPKE INTZAR ME SHAMIL HO GAYI...

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  8. प्रियतम के आने की खबर कितनी
    सुखद व सुन्दर है.
    समस्त वातावरण ही चहक व महक जाता है.

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