मंगलवार, 24 जुलाई 2012

दीवाने हम......




                                                      जिंदगी तुझको .....
                                    कहाँ मिलेंगे हमसे दीवाने !
                                    कभी दो-चार पहर बैठ 
                                    मेरे पास भी तू !!
                                    कभी कुछ कह लें...
                                    कभी कुछ सुन लें ,    
                                    कभी मुस्कुराएँ...
                                    कभी चुप रह लें ,
                                    बस यूँ ही कभी 
                                    थोड़ा–थोड़ा जी लें...
                                    ज्यादा सा मर लें !!!










15 टिप्‍पणियां:

  1. जिंदगी ज़िंदा दिली का नाम है,,,,,
    बहुत बढ़िया प्रस्तुती, सुंदर रचना,,,,,

    RECENT POST काव्यान्जलि ...: आदर्शवादी नेता,

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  2. जीवन अद्भुत है और इससे जुड़े हर प्रसंग भी अद्भुत हैं ...!

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  3. बस यूँ ही कभी
    थोड़ा–थोड़ा जी लें...BAHUT HAI YE JEENA BHI...

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  4. ना जी.....
    खूब जिए....भरपूर जियें.....
    :-)

    सस्नेह
    अनु

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  5. नहीं मरने की बात न कीजिये ...ज़िन्दगी जीने के लिए है ...उसे जी भरकर जी लीजिये

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  6. बहुत खूब, बधाई
    (अरुन शर्मा = arunsblog.in)

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  7. कभी चुप रह लें ,
    बस यूँ ही कभी
    थोड़ा–थोड़ा जी लें...
    ज्यादा सा मर लें !!!

    बहुत खूब .... वो थोड़ा जीना भी काफी है ...

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  8. जीने की बातों में मरने की बाते क्यों ...
    बहुत खूब ...

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  9. मरने के बाद ही जीने का मजा है...

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  10. ज्यादा सा मर कर ही तो नया जीवन है ।

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  11. आज 26/07/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  12. थोड़ा–थोड़ा जी लें...
    ज्यादा सा मर लें !!!
    bahut sundar

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  13. थोड़ा थोड़ा क्यूँ , बहुत बहुत जी लें | सुन्दर रचना |

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