तुम कौन हो मेरे..? न मैं जानूँ, न जानना चाहूँ..! तुम क्या हो मेरे...? न मैं मानूँ, न मानना चाहूँ..!! पास हो इतने कि... छू लूँ तुम्हें जब भी चाहूँ..! आँख भी कर लूँ बंद इन पलकों में तुम्हें ही पाऊँ..!! कौन हो तुम...?? तुम ही कुछ बोलो... कुछ तो बोलो.....!!
Ajnabi kaun ho tum.
जवाब देंहटाएंSunder bhaw.
Aahaar. . . . ! !
बेहतरीन।
जवाब देंहटाएंसादर
जो पूरे व्यक्तित्व पे छा गया हो उसको जान के भी क्या करना ...
जवाब देंहटाएंबहुत खूबसूरत अहसास प्रेम यही तो है परम का......समय इस और इशारा कर रहा है की वो नींद का वक़्त था तो कही ये सपना तो नहीं :-)
जवाब देंहटाएंहाँ....
जवाब देंहटाएंअब ये सपना ही कहा जा सकता है....!
vah ....kalpana ka sajeev chitran ... abhar poonam ji ... badhai.
जवाब देंहटाएंइतने पास है कोई तो अपना ही होगा ...कोई अपना सा सपना ...या कोई सपने सा अपना !
जवाब देंहटाएंkhubsurat kalpana
जवाब देंहटाएंbina jane aisa kaise ho sakta hai ?
जवाब देंहटाएंपास हो इतने कि...
छू लूँ तुम्हें जब भी चाहूँ..!
ha.ha.ha.
sunder prastuti.
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जवाब देंहटाएंjo rom rom me bas gaya hai..use jaane kee nahi mahshoos karne kee jarurat hai..behtarin..meri nayi post par bhi aapka swagat hai
जवाब देंहटाएंjo rom rom me bas gaya hai..use jaane kee nahi mahshoos karne kee jarurat hai..behtarin..meri nayi post par bhi aapka swagat hai
जवाब देंहटाएंjo rom rom me bas gaya hai..use jaane kee nahi mahshoos karne kee jarurat hai..behtarin..meri nayi post par bhi aapka swagat hai
जवाब देंहटाएंjo rom rom me bas gaya hai..use jaane kee nahi mahshoos karne kee jarurat hai..behtarin..meri nayi post par bhi aapka swagat hai
जवाब देंहटाएंjo rom rom me bas gaya hai..use jaane kee nahi mahshoos karne kee jarurat hai..behtarin..meri nayi post par bhi aapka swagat hai
जवाब देंहटाएंअजनवी,...कौन हो तुम पहचाने से लगते हो,..मेरी नई रचना के लिए "काव्यान्जलि" मे click करे
जवाब देंहटाएंjo har lamha mauzood ho, usase apna kaun? sundar abhivyakti, badhai.
जवाब देंहटाएंकोमल, प्यारी सी ..
जवाब देंहटाएंjo itnaa paas ho dil aur jahan mein zazb ho usko nahee bhee jaano to kyaa fark padtaa hai
जवाब देंहटाएंvery nice ,sweet expression,,aap kee kalam aise hee chaltee rahe