तुम किस फूल के नाम से पुकारते हो मुझे... ये तो मैं नहीं जानती ! लेकिन.... वो चम्पई रंग जो सुना था तुमने, तुम्हारे मुँह से मेरा नाम सुनते ही सारा का सारा मेरे सुफैद गालों पर उतर आता है यक ब यक ! और जानते हो..... उस पल के लिए मेरा नाम नीला से चम्पा हो जाता है....!
बिगड़ने के लच्छन हैं ये तो चम्पा जी :P
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