बहुत दिनों से मुझे इंतज़ार था जिसका
मेरे जीवन की वही वस्ल-ए-बहार हो तुम !
मेरे लबों पे आ के ठहर गयी जो अब तक
वही हंसी हो ,वहीँ नज़्म और ख्याल हो तुम !
यूँ मेरी जिंदगी पहले भी रही शाइस्ता
शाइस्त-ए-कलाम हो,मेरे अल्फाज़ हो तुम !
मैं दुनिया में रहूँ....या दूर रहूँ दुनिया से
अलहदा रह के भी इस तरह मेरे पास हो तुम !
न जाने क्या हुआ,और क्यूँ हुआ,मैं क्या जानूँ
मेरी नज़र में, मेरे दिल में, मेरे पास हो तुम !
तुम मुझसे दूर रहो....मैं रहूँ जुदा तुमसे
बेकरारी में दे करार...वो बहार हो तुम....!
हैप्पी वेलेंटाइन.....
आपको....
आपको.....
आप सभी को......




