बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

बेकरारी में दे करार...वो बहार हो तुम.......







बहुत दिनों से मुझे इंतज़ार था जिसका
मेरे जीवन की वही वस्ल-ए-बहार हो तुम !

मेरे लबों पे आ के ठहर गयी जो अब तक
वही हंसी हो ,वहीँ नज़्म और ख्याल हो तुम !

यूँ मेरी जिंदगी पहले भी रही शाइस्ता
शाइस्त-ए-कलाम हो,मेरे अल्फाज़ हो तुम !

मैं दुनिया में रहूँ....या दूर रहूँ दुनिया से
अलहदा रह के भी इस तरह मेरे पास हो तुम !

न जाने क्या हुआ,और क्यूँ हुआ,मैं क्या जानूँ
मेरी नज़र में, मेरे दिल में, मेरे पास हो तुम !

तुम मुझसे दूर रहो....मैं रहूँ जुदा तुमसे
बेकरारी में दे करार...वो बहार हो तुम....!


हैप्पी वेलेंटाइन.....
आपको....
आपको.....
आप सभी को......




रविवार, 10 फ़रवरी 2013

नज़रें......








शम्मा जब दिल में जले और हो उजाला हर तरफ....
यार की ऐसी नज़र हो जाये तो क्या कीजिये....!!

उस नज़र के लाख सदके जो उठे जानिब मेरी...
गर रहे न कुछ खबर खुद की तो फिर क्या कीजिये...!!

उस गली से हम भी गुजरे थे कई शाम-ओ-सहर...
कोई भी खिड़की नहीं खुलती तो फिर क्या कीजिये...!!

हम तो सदियों से तेरी आवाज़ को तरसे सनम...
तेरी ही आवाज़ हो खामोश तो क्या कीजिये....!!

मेरी नज़रें जब कभी नज़रों से मिल जाये तेरी  
और झुक जाये यूँ ही शरमा के तो क्या कीजिये...!!






बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

ख़्वाब......





जो शख्स अश्कों को आँखों में थाम लेता है
उसकी आँखों में ही उसकी पूरी जिंदगानी है...!

सांस थम थम के जब भी कभी चलती है
हर एक सांस में बस एक ही कहानी है...!

तेरे दर पे भी कभी आ के कोई ठहरा था
नयी है बात....मगर हो गयी पुरानी है.....!

तू अपने ख़्वाबों में मशगूल नहीं देख सका
उसके ख़्वाबों की फकत एक तू निशानी है.....!

ख़्वाब को चाहे कोई कितना दबा ले लेकिन
बिखर गए तो समझो खत्म जिंदगानी है...!


***पूनम***
आज और अभी...




बुधवार, 23 जनवरी 2013

हसरतें......






हसरतें....हसरतों से पूरी हों
फिर भी कुछ हसरतें अधूरी हों...!!

तेरी चौखट हो तेरा रहम-ओ-करम
जो नवाजिश हो.....तेरी पूरी हो....!!

बद्दुआ बन गई दुआ अब तो
हर दुआ में असर ज़रूरी हो.....!!


जिंदगी यूँ ही कुछ नहीं देती
चाहतें दिल में जब अधूरी हों....!!


मेरे चेहरे को दे दीं मुस्कानें...
अब तेरी ये दुआ भी पूरी हो...!!



सोमवार, 7 जनवरी 2013

खुद ही आ जायेंगे ख्वाबों को सजाने वाले...








तेरी आँखें खुदा महफूज़ रखे दुनिया में..
खुद ही आ जायेंगे ख्वाबों को सजाने वाले...!

हमने सोचा न था वो हमको भूल जायेगा...

एक हम ही थे उसे दिल से लगाने वाले....!

तमाम लोग है दीदार को तरसे मेरे...

और होंगे तेरे दीदार पे मरने वाले.....!

हमारे बाद ज़माने में ये चरचे होंगे.....

एक हम ही थे यहाँ प्यार निभाने वाले....!

जिधर भी देखती हूँ तू मुझे नज़र आये...

जिंदगी से मेरी मुंह मोड़ के जाने वाले....!




मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

मैं तेरी.....तू मेरा......







हम पे हर बात तेरी अब बेअसर होती है...
तेरे कूचे में  फिर भी  उम्र बसर  होती है....!!

तेरी महफ़िल में यूँ तो आ ही गए हैं हम भी...
अब यहीं होती सुबह.....शाम यहीं होती है.....!!

तेरे नज़दीक रहूँ या न रहूँ मैं....फिर भी...
तेरी हर बात पे अब नज़र मेरी होती है....!!

मेरे कुछ कहने से उनको थी शिकायत कितनी...
मेरी ख़ामोशी भी अब उनको सजा  होती  है....!!

हमारे नाम से भी उनको उज़्र होता था...
हमारे ज़िक्र से अब उनकी सुबह होती है....!!

हमने माना कि उन्हें प्यार नहीं है हमसे...
किस लिए फिर भी उन्हें फिक्र मेरी होती है....!!





शनिवार, 24 नवंबर 2012

नाम.....


  



                      
               तुम भूलते नहीं...मुझे कुछ याद नहीं है

           मैं साथ हूँ तेरे ....तू मेरे साथ नहीं है....!

           बेनाम हो के भी मुझे वो नाम दे गया....

           मैं क्या कहूँ उसे जो कभी साथ नहीं है....!!