सोमवार, 8 अप्रैल 2013
बुधवार, 3 अप्रैल 2013
तस्वीर.....
मेरे ज़ेहन में है एक तस्वीर...
जो अभी बनानी बाकी है...!
और बचे हैं कुछ
फैले फैले से ज़ज्बात...
कुछ उड़े उड़े से ख़यालात...
कुछ बदन की सनसनाहट...
दबे होठों की मुस्कराहट...
किसी के अनजाने ही
एकाएक छू जाने भर से
एक अजीब सी सिहरन...
आसमां में उड़ते बादलों सी
किसी चेहरे की रंगत...
और भी बहुत कुछ बाकी है....
रंग भरने के लिए....!
लेकिन इस सबके लिए
बस्ते में बचे रंग....
बहुत कम पड़ जा रहे हैं....!!
मंगलवार, 2 अप्रैल 2013
साथ साथ.....
गुज़र रही है मेरी उम्र इन ख्यालों में....
तू इन ख्यालों में न होता तो तू कहाँ होता....!!
मेरी तो शाम गुजरती है तेरी यादों में...
तू हकीकत में भी कुछ देर तो रुका होता...!!
तेरी फुरकत में बड़ी देर से उदास हूँ मैं...
जुदाई में मेरे हमदम तू भी रोया होता...!!
चलते चलते ये मेरी सांसें भी रुक जाती हैं...
तेरा ख्याल मेरे साथ साथ जब होता...!!
रविवार, 31 मार्च 2013
बस यूँ ही.....
सब जान कर भी मुझसे...अनजान बन रहा है...
वो कुछ छुपा रहा है...मेरे साथ चलते चलते...!!
कुछ कहते कहते ही वो...खामोश हो गया था...
नज़रें वो पढ़ रहा था...मेरे साथ चलते चलते...!!
कुछ फासले हुए थे......कुछ रंजिशें बढ़ी थी...
फिर वो संभल गया है...कुछ चाल चलते चलते...!!
एक बात मैंने पूछी....वो जवाब दे न पाया...
फिर भी वो कह गया कुछ...मेरे साथ चलते चलते...!!
कुछ राज़ की हैं बातें...कुछ आम सी हैं बातें...
मेरे काम की हैं बातें...सरे राह चलते चलते....!!
बस अभी अभी...
३१/०३/२०१३
गुरुवार, 14 मार्च 2013
तुम्हारा साथ.....
तुम्हारे साथ थी मैं कल..
और मैं कल भी रहूंगी..
तुम्हारे साथ हूँ आज...
और हमेशा रहूंगी..
तुम्हारी सांसों में हूँ..
मैं धड़कन में रहूंगी..
तुम्हारी बात में घुल जाउंगी..
मैं बन कर मिश्री..
तेरी मुस्कान बन के
मैं तेरे होठों पे बसूंगी...
तेरे हाथों की गर्मी से
पिघलता है मेरा मन..
मैं बन के आँसू एक बार
फिर से पलकों में सजूंगी...!!
***पूनम***
बुधवार, 13 मार्च 2013
सोमवार, 4 मार्च 2013
अब तुमसे क्या कहें.....
बाँहों में बाहें डाले....देखा किये तुम्हें...
महसूस हो रहा था क्या...अब तुमसे क्या कहें...!!
खामोश तुम थे और मैं गुमसुम सी हो गयी..
कुछ तुमने भी कहा तो था...अब तुमसे क्या कहें..!!
थी चांदनी फैली हुई...हर सू फिज़ा में यूँ..
थी रात भी खामोश कुछ...अब तुमसे क्या कहें...!!
गाती थी ये हवा....मेरे कानों में इस तरह...
आवाज़ थी तेरी ही...मगर तुमसे क्या कहें....!!
आ जाओ अगर आ सको...फिर से तुम एक बार
बेचैन है ये दिल मेरा...अब तुमसे क्या कहें...!!
***पूनम***
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
.jpg)


.jpg)


.jpg)