रिश्तों के बीच का बर्फीलापन.....
cold wave बड़ी मुश्किल से थमता है,
इनके बीच का feeling अगर जम गया तो...
वो कहाँ आसानी से गलता है !
रिश्तों की बर्फ बन चुकी उष्णता
पिघलने में बड़ा समय लेती है,
ये पिघलती नहीं आसानी से...
कभी कभी पूरी जिंदगी ही बीत जाती है !
तो गुजारिश है ऐ मेरे दोस्तों........
अपने रिश्तों की....
गुनगुनी गरमाहट को बना के रखिए !
कुछ भी हो जाए....
इन रिश्तों में प्यार सजा के रखिए !
न जमने दीजिये अपनेपन की गर्मी को
पत्थर से ठंडे ग्लेशियर के रूप में.....
तकरार को हल्के-फुक्ले स्नैक्स की तरह ही रखिए
बस...कड़वाहट को मत लाइये अपने बीच में !
कभी किसी तीसरे को...
अपने रिश्तों के बीच में आने न दीजिये ,
न ही पैर पसारने दीजिये...
एक शाश्वत मौन को अपने सम्बन्धों में !
अहं के परिंदे को पर भी न मारने दीजिये...!!
और एक-दूसरे के सम्मान को बना के रखिए....!!
इति शुभं...........





